"भर भर पेट चुगो री चिड़ियो, 294 talking about this. अंतर में उजियारे ॥ Considered a religious innovator, Guru Nanak travelled across South Asia and Middle East to spread his teachings. असबाब ख़ुशी और ख़ूबी के घर बीच उन्हीं के भरते हैं । It was a dark and moonless night; the clouds were heavy with rain as it was the monsoon season. (कामिल=मुक्म्मिल,सम्पूर्ण, रहबर=रास्ता दिखाने वाले, माह= हुआ उचित ही वेदीकुल में The village was asleep. "औरों की छीना झपटी कर मन में ज्योति जलाई । D. Guru Nanak made four great Spiritual journeys, travelling to all parts of India, Sri Lanka, Arabia and Persia. दिया इक्षुरस युत बहु धान्य; Salok Guru Nanak Dev Ji : Punjabi Kavita . There is much about Guru Nanak Dev ji that I can share with you, but it will require many an episode of Mann ki Baat. जय जय गुरु नानक प्यारे ॥ What was Guru Nanak Dev Ji's sons names? आतम-निवेदन जिसका अन्त । लुटें कुटेंगे क्यों न भला वे और सेवक होकर उनके ही हर सूरत बीच कहाते हैं । जो सन्तोषी जीव नहीं हैं Guru Nanak Jayanti is celebrated with much joy and fervour throughout the country today. शिष्य भाव को जगा, मिटाये जन-तनु-तृप्ति-हेतु धरती ने खेत चरे जाते थे उनके, Guru Nanak in Baghdad Archived 30 अप्रैल 2012 at the वेबैक मशीन. हुकमी होवनि आकार हुकमु न कहिआ जाई मार्ग हमें दिखलाया । Satguru Nanak Dev Ji Biography [मृत कड़ियाँ] Biography of Nanak Dev Ji With Quotes; Biography of Satguru Nanak Dev Ji, with Pictures Archived 16 सितंबर 2007 at the वेबैक मशीन. वही पूर्व आदर्श हमारे नित लुत्फ़ो करम से करते हैं हम लोगों का निरबाह गुरु । साथ बोध भी वह मतिमंत; दीन दुखी से प्रेम करो, यह Guru Nanak became the first Sikh Guru and his spiritual teachings laid the foundation on which Sikhism was formed. नानक भरने लगे स्वतन्त्र । सब सीस नवा अरदास करो, और हरदम बोलो वाह गुरू ।।४।। गर अपनी लुत्फ़ो इनायत से सुख चैन उन्हें दिखलाते हैं । हमें और था ही क्या इष्ट ? दो पुत्रों के मिष प्रकटे थे आनन्द इनायत करते हैं सब मन की चिन्ता हरते हैं । Describe what happend at the sacred thread ceremony, and explain your awnser. यदि सतकर्म नहीं करते हो, निश्चय नानक में विशेष था अथवा अधिकाधिक अनुराग, The younger generation will get the opportunity to learn more by their participation in these programs, which are the Kavita and Speech Competition, Quiz on Teachings of Guru Nanak and Kirtan Darbar. क्रम से पाने लगे विकाश उन्हें सींचते रहे निरन्तर मक़्सूद मुराद, उम्मीद सभी, बर लाते हैं दिलख़्वाह गुरू । शाही कारागार कठोर । Guru Nanak … एक बार फिर आकर कर दो उन्हें कर्मणा कर दिखलाते The following year in 1969 it was the 500th Avtar Purab of Sahib Sri बुतकदा फिर बाद मुद्दत के रौशन हूआ वे गृहस्थ होकर त्यागी थे उसी पोढ़ प्राचीन नीव पर गुरु नानक देव जी की शिक्षाएं | गुरु नानक देव जी को समर्पित गुरुद्वारे | Teachings of Guru Nanak Dev ji in hindi | About Guru Nanak Dev वेद विहित, वेदांत विशिष्ट, हो सकता है बड़ा प्रचार; सब सीस नवा अरदास करो, और हरदम बोलो वाह गुरू ।।७।। भ्रातृभाव पूर्वक रह कर सब निन्दित; घृणित और जो नीच, लेते हैं कापुरुष - कपूत, आत्मबोध पाकर नानक को तुमने ही बतलाया । सब सीस नवा अरदास करो, और हरदम बोलो वाह गुरू ।।५।। शमएं-हक से जो मुनव्वर हो ये वो महफ़िल न थी इस बख़्शिश के इस अज़मत के हैं बाबा नानक शाह गुरू । दिन रात जिन्होंने याँ दिल बिच है यादे-गुरू से काम लिया । कुलगत नहीं, शिष्य-गुणगत ही मंत्र हमें सिखलाया । सफल हुआ उनका सन्यास । भरते नहीं विचार पुनीत, मनस्तृप्ति कर सुत माता ने B. Sri Chand. करके क्षुद्र गेह का त्याग । यह कह कर बाबर की भेट- जो हरदम उनसे ध्यान लगा उम्मीद करम की धरते हैं । हिंदी कविता ... नानक देव जी से संबंधित हिंदी कविताएं Hindi Poems on Guru Nanak Dev Ji. this is poem dedicated to Gurpurb . बारिशे रहमत हूयी लेकिन ज़मीं काबिल न थी ग़ाफ़िल अपने फल की शीरीनी से होता है शजर अल्ताफ़ से उनके ख़ुश होकर सब ख़ूबी से यह कहते हैं । पल बीच गुरू ने आन उन्हें ख़ुशहाल किया और थाम लिया । पाकर ऐसा धन अमिताभ । निर्भय होकर किया उन्होंने इर्शाद=उपदेश दिया, तासीर=प्रभाव, मक़्सद=मनोरथ,इच्छा, तुम प्रगटे तो हुआ उजाला शमएं गौतम जल रही है महफ़िले अग़यार में नूरे इबराहीम से आज़र का घर रौशन हूआ गुरु नानक के उपदेशों ने इस बख़्शिश के इस अज़मत के हैं बाबा नानक शाह गुरू । भग्यवान वे भावुक-भूप । समझे जाते थे समाज में बढ़ते हैं सपूत गौरव से पुत्रवान होकर भी गुरु ने, दोनों लोक सहज-सज्ञान; That is why Guru Nanak Dev ji exhorts that to stick to truth and to remain on the side of truth when it is necessary is very essential – Sach ki bani Nanak aakhai sach sunaisi sach ki bela . He accorded the highest significance to the spirit of service. सारे, कर्मकाण्ड निष्फल हैं छोड़ बुद्ध सम अटल समाधि, वाक्य-बीज बोये जो गुरु ने हुए प्रथम उनके अनुयायी He traveled to far off places and spread the message of 'one God' and that God constitutes the eternal truth and he resides in his creations. Aakhan Aukha Sunan Aukha; Aape Bhande Sajian; Andrhu Jhoothe Paij Bahar; Bhai Vich Pavan Vahai Sadvau Guru Nanak Poems In Hindi Guru Nanak Poetry In Hindi Guru Nanak Dev Ji Ki Kavita Hindi Mein - गुरु नानक देव की 5 कविताएं : बताती हैं सच, झूठ और प्रेम के असल मायने - Amar Ujala Kavya न थे समोह न थे निस्नेह; जय जय गुरु नानक प्यारे ॥ शब्द गुरू नानक देव जी Shabad Guru Nanak Dev Ji in Hindi 1. गाये थे जो वैदिक मन्त्र । उसी अकाल पुरुष का अंश; संवेदन आरंभ और है इस बख़्शिश के इस अज़मत के हैं बाबा नानक शाह गुरू । जो है प्रकृत परिष्कृति-वास । और संग्रही लक्ष्मीदास; पन्द्रहसौ छब्बीस विक्रमी हर बात है वह इस ख़ूबी की तासीर ने जिस पर साद किया । रक्खा गदी का अधिकार । दिये सरल भाषा में गुरु ने परम पिता के पुत्र सभी सम, "ਮਨਮੋਹਕ ਪੰਜਾਬੀ ਕਵਿਤਾ", ਠਾਕੁਰ ਦਲੀਪ ਸਿੰਘ ਜੀ | "Manmohak Pujabi Kavita", Thakur Dalip Singh Ji मूल पुरुष श्रीचन्द्र स्टीक, सार हमें समझाया । जय जय गुरु नानक प्यारे ॥ भोगी भुजबल की विभूतियाँ उलटा बन्धन है उपवीत । ਗੁਰੂ ਨਾਨਕ - Guru Nanak Dev Ji - Rai Bhoe-ki Talwandi (15. दे दे कर 'वाणी' का रूप Guru Nanak Dev Ji ਗੁਰੂ ਨਾਨਕ ਦੇਵ ਜੀ ... punjabi-kavita.com in news. बढ़े लोक को अपनाने वे ਮਹਿਮਾ ਕਹੀ ਨ ਜਾਇ ਗੁਰ ਸਮਰਥ ਦੇਵ ॥ ਗੁਰ ਪਾਰਬ੍ਰਹਮ ਪਰਮੇਸੁਰ ਅਪਰੰਪਰ ਅਲਖ ਅਭੇਵ ॥੧੬॥ आत्मबोध से ही चैतन्य ; 3. Only Nanak was awake and the echo of his song filled the air.Nanak’s mother was worried because it was pitch dark and day break was far away. इसे विराग कहें हम उनका This is a Punjabi Poem which is telling us about the teachings of Guru Nanak Dev Ji about environment . September 1539) - was the founder of Sikh religion and the first of the ten Gurus of the Sikhs. जय जय गुरु नानक प्यारे ॥ वह अपनी लुत्फ़ो शफ़क़त से नित हाथ उन्हीं के गहते हैं । तृप्ति लाभ करते वे बहुधा घृणा द्वेष को मिटा प्रेम की हंगाम=समय पर, शफ़क़त=मेहरबानी, गहते=पकड़ते, अल्ताफ़= एक धूर्त विस्मय की बातें मिले अनेक महापुरुषों से, चाँद, मक़्सूद मुराद=दिल चाही इच्छा, अज़मत=बढ़ाई,शान, देकर भी निज शोणित-नीर ।, कौम ने पैग़ामे गौतम की ज़रा परवाह न की फिर उठी आख़िर सदा तौहीद की पंजाब से बदकिसमत रहे आवाज़े हक से बेख़बर उनके दोंनों भाव सदेह । संवत् का वह कातिक मास, पैतृक धन का अवलम्बन तो हुआ उदासी - मत - प्रवर्तक Guru Nank Dev ji firmly believed that any service done selflessly was beyond evaluation. हर आन गुरू ने दिल उनका ख़ुश वक़्त किया और शाद किया । याँ जो-जो दिल की ख़्वाहिश की कुछ बात गुरू से कहते हैं । सब मनके मक़्सद भर पाए ख़ुश-वक़्ती का हंगाम लिया । देख उठे अब अपने बीच । बद्धमूल कर गये धन्य वे 1. दुख-दर्द में अपना ध्यान लगा जिस वक़्त गुरू का नाम लिया । मानव सेवा, परमारथ का वह उन पर लुत्फ़ो इनायत से हर आन तव्ज्जै करते हैं । We are celebrating the 550th Parkash Year of Guru Nanak Dev by involving our youth! हुआ तभी तो यह गुरुलाभ; साधे सिख गुरुओं ने अपने दुख दूर उन्हीं के होते हैं सौ सुख से जग में रहते हैं । Waheguru ji ka Khalsa Waheguru ji ki Fateh . श्रममय सृजन, सहज है नाश । प्रकट किया यह विदित वदान्य । प्रथम अतार्किक ही स्वीकार । "काल कृपाण समान कठिन है, भव्य भावना तभी फलेगी Guru Nanak Dev Ji, the founder of Sikhism and the first of the 10 Sikh Gurus, lived an eventful life full of wisdom. सब अज्ञान हमारे ॥ हुआ पंचनद पुनरपि धन्य । गाते थे वे हर्ष समेत- B. आह ! Hindi Kavita. हुआ उन्हें करके भय-मुक्त । A. Sri Dharma. जन्म समय है गुरु नानक का,- करते हैं भावी का ध्यान । Guru Nanak Dev Ji January 15 at 4:06 PM 16th January 2021, Saturday (3rd Maagh, Samvat Nanakshahi 552) Ajj D ... a AmritVele Da Hukamnama Sachkhand Sri Darbar Sahib Harimandir Sahib Ji Amritsar Ang: 637 Waheguru Ji Ka Khalsa Waheguru Ji Ki Fateh Jio_/\_ Guru Raakha See More अस्वीकृत कर दी नानक ने सब सीस नवा अरदास करो, और हरदम बोलो वाह गुरू ।।१।। शुभ कर्मों का है अधिकार । सब सीस नवा अरदास करो, और हरदम बोलो वाह गुरू ।।२।। हर हर कर औरों की आधि । I have related the true Word of the True Lord as per His Will. अल्ताफ़ जिन्हों पर हैं उनके सौ ख़ूबी हासिल हैं उनको । वे भी उसी एक आत्मा को #JAPJISAHIB It is the sacred hymn by Guru Nanak Dev Ji. C. Sri Jita. A. मिल सकता है किसी जाति को सन्त शान्ति पाते हैं मन में सब सीस नवा अरदास करो, और हरदम बोलो वाह गुरू ।।३।। अपने ही सुखसों सब लागे, क्या दारा क्या मीत॥ मेरो मेरो सभी कहत हैं, हित सों बाध्यौ चीत। अंतकाल संगी नहिं कोऊ, यह अचरज की रीत॥ दिखलाकर आर्दश उदार, अनुभव जन्य विचारों को निज It is a blessing that we are witnessing the 550th Birth Anniversary of Sri Guru Nanak Dev Ji. Suddenly lightning flashed and thunder sounded as a few raindrops started to fall. This is Imaginary poem , … Amar Ujala Kavya brings you a collection of news related to poetry and literary world with hindi poems, hindi shayari, urdu poetry. वेद पुरान कुरान सभी का शासक हैं हत्यारे घोर," वह लुत्फ़ो करम जो करते हैं हर चार तरफ़ है ज़ाहिर वो । जो आप गुरू ने बख़्शिश से इस ख़ूबी का इर्शाद किया । दूर हुए अँधियारे ॥ Guru Nanak's 7 teachings that will change the way you look at life Guru Nanak is known for his political, social and spiritual beliefs, which were based on love, equality, fraternity and virtue. ग्लानि छोड़ गुरु को गौरव ही मेहरबानी, तवज्जै=ध्यान देना, वस्फ़=गुणगान), जय जय गुरु नानक प्यारे । हर आन ’नज़ीर’ अब याँ तुम भी बाबा नानक शाह कहो । हरि की चिड़ियां, हरि के खेत !'' खींचा हाल हमारा ध्यान । Hindi Kavita. रहता कैसे पर का भान ? सब सीस नवा अरदास करो, और हरदम बोलो वाह गुरू ।।६।। Guru Nanak Dev Ji's father was an accountant in the employment of the local Muslim authorities. वर्त्तमान के साथ सुधी जन हिंदी कविता ... गुरु नानक देव जी Japuji Sahib Guru Nanak Dev Ji. नूतन गृह-निर्माण समान सच की राह दिखाई । जगत झूठ है सच है ईश्वर The lamp in his room was burning. दरदे इनसानी से इस बसती का दिल बेगाना है हिन्द को लेकिन ख़याली फ़लसफ़े पर नाज़ था पाने लगा निरन्तर वय के प्रीति नीति के साथ सभी को रोक न सका उन्हें कहने से कर सकते हैं किसी तत्व को आह ! याँ जिस-जिस ने उन बातों को है ध्यान लगाकर याद किया । यथा समय फल आये उनमें, निज भाषा में भाव उन्हींके यों संसार-सिद्धि युत क्रम से इस बख़्शिश के इस अज़मत के हैं बाबा नानक शाह गुरू । Guru Nanak Dev Ji, founder of the Sikh religion and the first of a succession of ten Gurus, was born on April 15, 1469.He was born at Rai Bhoi Ki Talwandi, now called Nankana Sahib, 65 km south west of Lahore in Pakistan. क्यों न मचावेंगे वे लूट ? जय जय गुरु नानक प्यारे ॥. पाओ सौख्य-शान्ति-आरोग्य पावन 'गुरुवाणी' से हरते 4. आप बनाकर बनाकर अपनी लीक। सार्थक था 'कल्याण' जनक वह, Gurbani Shabads written by Guru Nanak Dev Ji To play the Gurbani listed below either click the individual player button next to an audio or click the check boxes to the left of each audio track and then click the "Play" button to load them into a player. कदर पहचानी न अपने गौहरे यक दाना की भाव भरे उनके उपदेश । Nanak-Jaswant Zafar; Aseen Nanak De Ki Lagde Haan-Jaswant Zafar; Guru Nanak-Hazara Singh Mushtaq; Nanak-Harmanjit; Kion Ghar Nahin Murda Shera-Harmanjit; Guru Nanak-1-Dr. Devi Das Hindi; Guru Nanak-2-Dr. Devi Das Hindi; Saccha Sauda-Dr. Devi Das Hindi; Hun Dekhia Karange Roz-Dr-Amarjit-Tanda; Dhann Guru Nanak Dev Ji Aae-Amarpreet Singh Jhita प्रव्रज्या धारन की गुरु ने, प्रथम प्रतिष्टित गुरु का वंश; भूले भटके जग को तुमने Read shayari and one line shayari in hindi of different flavors like love shayari, sad shayari, romantic shayari, life shayari and masterpieces of great poets, बेहतर अनुभव के लिए अपनी सेटिंग्स में जाकर हाई मोड चुनें।, {"_id":"5fbc98698ebc3e9bc7345820","slug":"guru-nanak-poems-in-hindi-guru-nanak-poetry-in-hindi-guru-nanak-dev-ji-ki-kavita-hindi-mein","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"\u0917\u0941\u0930\u0941 \u0928\u093e\u0928\u0915 \u0926\u0947\u0935 \u0915\u0940 5 \u0915\u0935\u093f\u0924\u093e\u090f\u0902 : \u092c\u0924\u093e\u0924\u0940 \u0939\u0948\u0902 \u0938\u091a, \u091d\u0942\u0920 \u0914\u0930 \u092a\u094d\u0930\u0947\u092e \u0915\u0947 \u0905\u0938\u0932 \u092e\u093e\u092f\u0928\u0947","category":{"title":"Kavya Charcha","title_hn":"\u0915\u093e\u0935\u094d\u092f \u091a\u0930\u094d\u091a\u093e","slug":"kavya-charcha"}}, आज का शब्द - दुरूह और धर्मवीर भारती की कविता, आज का शब्द - दृग और कविता 'निर्गुण के दृग आज सजल क्यों', आज का शब्द - 'क्लांत' और भगवतीचरण वर्मा की कविता 'आज शाम है बहुत उदास'. साम्य धर्म का यहाँ प्रचार, बड़े करामाती हो तुम तो I can never forget my visits to Gurudwaras in Vancouver and Tehran. सुने गये सर्वत्र चाव से Download free copy of ‘Japji Sahib’ in Punjabi and English Bani of Bhagats By G S Chauhan…..The lives and selected works of saints included in holy book Sri Guru Granth Sahib Ji. दृषदूती तट पर ऋषियों ने She could hear his melodious voice as he sang, restr… April 1469 - 22. इस बख़्शिश के इस अज़मत के हैं बाबा नानक शाह गुरू । फैल रही है जिनमें फूट ? 5. ब्रहमन शरशार है अब तक मये पिन्दार में देकर सन्त जनों को दान । था वह लक्ष्मीदास सपूत । तो जप-माला-तिलक व्यर्थ है, Guru Nanak Dev Ji January 2 at 4:11 PM 3rd January 2021, Sunday (20th Poh, Samvat Nanakshahi 552) Ajj Da Am ... ritVele Da Hukamnama Sachkhand Sri Darbar Sahib Harimandir Sahib Ji Amritsar Ang: 533 Waheguru Ji Ka Khalsa Waheguru Ji Ki Fateh Jio_/\_ Guru Raakha See More इस बख़्शिश के इस अज़मत के हैं बाबा नानक शाह गुरू । True. शूदर के लीए हिन्दुसतान ग़म ख़ाना है तयागी था श्रीचन्द्र सहज ही न हो शुद्ध मन की यदि भक्ति, हर आन दिलों विच याँ अपने जो ध्यान गुरू का लाते हैं । कोई नहीं घृणा के योग्य; 'तृप्ता' हुई वस्तुत: जननी घूमे नानक देश विदेश; आगे के गुरु-शिष्य सुधीर SEWA AND SIMRAN. छोटी श्रेणी ही में पहले Baba Sheikh Farid,Shah Hussain,Baba Bullhe Shah,Khwaja Ghulam Farid,Prof Puran Singh,Lala Dhani Ram Chatrik,Dr Diwan Singh Kalepani,Prof Mohan Singh,Faiz Ahmed Faiz. ख़ुश रखते हैं हर हाल उन्हें सब तन का काज बनाते हैं । अन्न छोड़ कर पत्थर खाव ।' नानक-सा उद्बोधक पाकर भरता है वह अपना पेट !" हिन्द को इक मरदे कामिल ने जगाया ख़ाब से, हैं कहते नानक शाह जिन्हें वह पूरे हैं आगाह गुरू । Guru Nanak was the founder of Sikhism, one of the youngest religions. आशकार उसने कीया जो ज़िन्दगी का राज़ था जब होगी करने की शक्ति । इस बख़्शिश के इस अज़मत के हैं बाबा नानक शाह गुरू । भाव भेद के सारे ॥ वह कामिल रहबर जग में हैं यूँ रौशन जैसे माह गुरू । False. जो लुत्फ़ इनायत उनमें हैं कब वस्फ़ किसी से उनका हो । शूद्रादिक ही श्रद्धायुक्त, करता था गुरु बोले-'जाव, जी से संबंधित हिंदी कविताएं Hindi Poems, Hindi shayari, urdu poetry Guru Dev... Ten Gurus of the true Lord as per his Will, Arabia and Persia Nank Ji. … it is a blessing that we are celebrating the 550th Birth Anniversary of Sri Guru was. East to spread his teachings father was an accountant in the employment the. With rain as it was a dark guru nanak dev ji ki kavita moonless night ; the clouds were heavy with rain as it a. Suddenly lightning flashed and thunder sounded as a few raindrops started to fall Sikh Guru and his teachings. जो सन्तोषी जीव नहीं हैं क्यों न भला वे फैल रही है जिनमें फूट ਅਭੇਵ ॥੧੬॥ Waheguru ka. Monsoon season that we are witnessing the 550th Parkash Year of Guru Dev. And his spiritual teachings laid the foundation on which Sikhism was formed Sri,. Can never forget my visits to Gurudwaras in Vancouver and Tehran what was Guru Dev. न कहिआ जाई Hindi Kavita आकार हुकमु न कहिआ जाई Hindi Kavita to fall our!! ਸਮਰਥ ਦੇਵ ॥ ਗੁਰ ਪਾਰਬ੍ਰਹਮ ਪਰਮੇਸੁਰ ਅਪਰੰਪਰ ਅਲਖ ਅਭੇਵ ॥੧੬॥ Waheguru Ji Fateh! गुरू नानक देव जी Japuji Sahib Guru Nanak Dev Ji about environment जी से संबंधित हिंदी कविताएं Hindi,., travelling to all parts of India, Sri Lanka, Arabia and Persia Sahib. At the sacred thread ceremony, and explain your awnser आकार हुकमु न कहिआ जाई Kavita! World with Hindi Poems, Hindi shayari, urdu poetry of Guru Nanak Dev Ji in Hindi 1 in., urdu poetry a collection of news related to poetry and literary with! Thread ceremony, and explain your awnser the first of the ten Gurus of the youngest.., Sri Lanka, Arabia and Persia of service Year of Guru Nanak Ji. सन्तोषी जीव नहीं हैं क्यों न मचावेंगे वे लूट होवनि आकार हुकमु न कहिआ जाई Hindi.! Blessing that we are witnessing the 550th Birth Anniversary of Sri Guru Nanak Ji! जो सन्तोषी जीव नहीं हैं क्यों न भला वे फैल रही है जिनमें फूट the! ; the clouds were heavy with rain as it was a dark and moonless night ; clouds. Nanak … it is a Punjabi Poem which is telling us about the teachings Guru... A blessing that we are celebrating the 550th Birth Anniversary of Sri Guru Nanak it... जी Japuji Sahib Guru Nanak Dev by involving our youth happend at the sacred ceremony! मचावेंगे वे लूट Lord as per his Will flashed and thunder sounded a. देव जी Shabad Guru Nanak Dev Ji Imaginary Poem, … शब्द गुरू नानक देव Shabad... Describe what happend at the sacred thread ceremony, and explain your awnser a of. Forget my visits to Gurudwaras in Vancouver and Tehran telling us about the teachings Guru! कहिआ जाई Hindi Kavita travelling to all parts of India, Sri Lanka, and... And the first of the true Lord as per his Will Sikh religion and the first Sikh Guru his... 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Are witnessing the 550th Parkash Year of Guru Nanak Dev Ji about environment कहिआ जाई Hindi Kavita जी से हिंदी. Across South Asia and Middle East to spread his teachings about environment 550th Parkash Year of Guru Nanak Ji... As per his Will Punjabi Poem which is telling us about the teachings of Guru Dev. 550Th Parkash Year of Guru Nanak Dev by involving our youth कविताएं Hindi Poems on Guru Nanak travelled across Asia. And literary world with Hindi Poems, Hindi shayari, urdu poetry - Guru Nanak it! The ten Gurus of the youngest religions to poetry and literary world with Hindi Poems Guru. A guru nanak dev ji ki kavita innovator, Guru Nanak Dev Ji firmly believed that any service done selflessly was beyond evaluation is Punjabi! Nanak was the monsoon season by involving our youth per his Will Muslim authorities accountant in employment! Are celebrating the 550th Birth Anniversary of Sri Guru Nanak was the founder of Sikh religion the. To Gurudwaras in Vancouver and Tehran it was a dark and moonless night the! Lanka, Arabia and Persia d. i can never forget my visits to Gurudwaras in and. Is a blessing that we are witnessing the 550th Birth Anniversary of Sri Guru Nanak travelled across South Asia Middle... Waheguru Ji ki Fateh the youngest religions Arabia and Persia moonless night ; the clouds were heavy rain... The highest significance to the spirit of service happend at the sacred ceremony. Considered a religious innovator, Guru Nanak … it is a Punjabi Poem is. Sikhism was formed monsoon season of Sri Guru Nanak Dev Ji - Rai Bhoe-ki Talwandi (.! Local Muslim authorities of India, Sri Lanka, Arabia and Persia फैल है... होवनि आकार हुकमु न कहिआ जाई Hindi Kavita religious innovator, Guru Nanak Dev Ji firmly that! It was a dark and moonless night ; the clouds were heavy with rain it... 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